अध्याय 37 संबंधित

आर्थर तूफ़ान की तरह हवेली में घुसा और सीढ़ियाँ एक-एक नहीं, दो-दो करके चढ़ गया।

दूसरी मंज़िल पर पहुँचते ही उसने देखा कि उसके अध्ययन-कक्ष का दरवाज़ा पूरा खुला पड़ा है। भीतर से काग़ज़ों के उलट-पलटने की वह पहचान में आने वाली आवाज़ साफ़ सुनाई दे रही थी।

कैथरीन दरवाज़े के बाहर फर्श पर बेबस-सी बैठी थी—एक...

लॉगिन करें और पढ़ना जारी रखें